झारखंड: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब चुनाव आयोग की प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में रहेगी। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यशैली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं और उसकी भरोसेमंद छवि कमजोर हुई है।
उन्होंने बताया कि झारखंड में अप्रैल से SIR का प्रक्रिया शुरू होगा। उन्हें डर है कि भाषा, पहनावे या खान-पान के आधार पर कुछ लोगों को बाहरी बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि बांग्ला भाषी और अल्पसंख्यक समुदाय के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जांच एजेंसियों, खासकर ED की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और किसी एक राजनीतिक दल को निशाना नहीं बनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए दौरे पर दोबारा विचार किया जा सकता था। अंत में, उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो राजनीतिक विरोध और तेज हो सकता है।

































