राजनीति: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा है लोकतंत्र के मूल्यों की दुहाई देने वाले देश में अराजकता का माहौल बनाने में जुटे हैं। लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती दी जा रही है। वो ‘रिजीम चेंज’ की बात करते हैं, पर ये हरगिज हो नहीं सकता। 140 करोड़ के लोगों का ख्याल रखने वाले पीएम मोदी घर- घर में हैं।
झारखंड की राजधानी रांची में प्रदेश बीजेपी की कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने राष्ट्रीय सवालों के साथ झारखंड में बीजेपी की मजबूती के लिए लंबी चर्चा की।
नितिन नबीन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाने साधे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, “राहुल गांधी टूलकिट की तरह काम कर रहे हैं। यह टूलकिट विदेशों से ऑपरेट हो रहा है। इनको लगता था जैसे बांग्लादेश, नेपाल को अस्थिर किया गया, उसी तरह भारत को करेंगे, ये पूरी तरह एक्सपोज हो गए। रिजिम बदलने की बात हो रही, यह मोदी के रहते इतना आसान नहीं है।”
संविधान को तार-तार करने में कांग्रेस जुटी है। हम संवैधानिक संस्थानों को सम्मान से देखते हैं. वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत अपने विकास गति को बनाए हिए है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी अवसर बढ़े हैं। अब गरीब परिवारों के बच्चे भी नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं। यह हमारे नेतृत्वकर्ता के कारण हुआ है। दूसरी तरफ भारत की प्रगति विरोधियों के गले नहीं उतर रही। वे भारत की गति रोकना चाहते हैं। कुछ लोग देश के अंदर से कुछ लोग देश के बाहर से। इस देश में लोकतंत्र को चुनौती देना का प्रयास किया जा रहा है. जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “आपातकाल लगाने से लेकर कई राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू करने तक, कांग्रेस ने कभी संविधान का पालन नहीं किया और मनमाने तरीके से देश चलाया। लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश करने वाले ही आज हमें इस पर उपदेश दे रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, हमने बिहार में देखा, वोटर लिस्ट में दावा आपत्ति के लिए पूरे 60 दिन दिया जाता है। क्या कांग्रेस के किसी कार्यकर्ता ने दावा आपत्ति दर्ज किया? किसी एक भी कार्यकर्ता ने नहीं किया। बिहार में 38 जिले हैं, उससे भी कम कंप्लेन किया गया। क्या तब कांग्रेस के कार्यकर्ता सोए थे? क्योंकि उन्हें पता था, केवल वोट चोरी का आरोप लगाना है, फिर उसी आरोप के साथ, मैदान में उतरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को नागरिकों के मताधिकार की चिंता करने के बजाय घुसपैठियों को संरक्षण देने की चिंता है।
नितिन नबीन ने झारखंड के संदर्भ में कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार हर मोर्चे पर विफल है। यहां करप्शन हावी है। लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ा है। सरकार के खिलाफ बीजेपी के कार्यकर्ता एंटी इंकंबैसी का माहौल खड़ा करें।
झारखंड में बीजेपी कार्यकर्ताओं को लामबंद करने के ध्येय से उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से बिहार आता हूं और बिहार से झारखंड होकर ओडिशा, बंगाल जाता हूं, तो मन में कसक रह जाती है कि झारखंड में बीजेपी की सरकार नहीं है, जबकि, झारखंड बीजेपी का गढ़ रहा है। बंगाल में ममता बनर्जी के क्रूर शासन से राज्य को मुक्ति दिलाते हुए वहां कमल खिला है। बंगाल में कार्यकर्ताओं ने यह करके दिखाया। झारखंड में भी परस्थितियां बीजेपी के अनुकूल हैं। कार्यकर्ता ठान लें कि झारखंड में भी भगवा लहराना है।

































