देश विदेश: आज बुधवार(12 अगस्त) दोपहर बाद विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA) बिल JPC के पास भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में पास हो गया।
कांग्रेस ने भी FCRA बिल को वापस लेने की मांग की। सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि इस बिल का मकसद साफ़ तौर पर उन NGO और अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाना है, जो अच्छा काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ़ आरएसएस को विदेशों से चंदा मिल रहा है, दूसरी तरफ़ सरकार अल्पसंख्यकों और NGO को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। केसी वेणुगोपाल ने सरकार से FCRA बिल वापस लेने की मांग की।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल मांग करते रहे हैं कि महत्वपूर्ण विधेयकों को JPC के पास भेजा जाना चाहिए। रिजिजू ने कहा, अगर किसी सदस्य को बिल के किसी प्रावधान पर आपत्ति है तो वह JPC के सामने अपनी बात रख सकता है।
अब इसे दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जायेगा। इस संसदीय समिति में 31 सदस्य होंगे। 21 सदस्य लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत और 10 राज्यसभा सदस्य सभापति द्वारा मनोनीत शामिल किये जायेंगे।
बता दें कि, समिति की बैठक के लिए कम से कम एक-तिहाई सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। खबरों के अनुसार, इस संयुक्त समिति कोअपनी रिपोर्ट शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह में संसद में सौंपनी होगी।






























