बिहार: बिहार में लंबे समय से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले ली है। शुक्रवार को संसद भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान, राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने नीतीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इसी के साथ, नीतीश के लंबे राजनीतिक सफर में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
कुछ समय तक CM बने रह सकते हैं
संवैधानिक नियमों के अनुसार, कोई व्यक्ति एक साथ सांसद और राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं रह सकता इसलिए नीतीश कुमार ने MLC पद छोड़ दिया है। हालांकि, नियमों के तहत वे कुछ समय तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। सूत्रों की मानें तो, नीतीश कुमार पटना लौटकर सीएम पद से भी इस्तीफा दे देंगे।
नए CM को लेकर राजनीतिक हलचल तेज
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में सत्ता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार की जिम्मेदारी और नेतृत्व को लेकर नए समीकरण बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री को लेकर एनडीए में खींचतान की खबरें सामने आ रही है। हांलाकि, पार्टी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के नेताओं ने कहना है कि गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है और सभी फैसले आपसी सहमति से लिए जा रहे हैं।
1985 से राजनीति में सक्रिय
नीतीश कुमार 1985 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कई बार कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा, नीतीश कुमार बिहार विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा में काम कर चुके हैं। वहीं, अब वे राज्यसभा पहुंचकर अपने लंबे राजनीतिक सफर का एक और चरण पूरा कर लिया है।



























