रिम्स की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

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झारखंड: झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान उसके द्वारा दाखिल अनुपालन शपथ पत्र पर असंतोष जताया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने रिम्स को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले सही एवं पूर्ण विवरण के साथ नया अनुपालन शपथ पत्र दाखिल करें।

खंडपीठ ने कहा कि 18 फरवरी 2026 के आदेश में जो समय-सीमा तय की गई थी। वह स्वयं अदालत द्वारा नहीं बल्कि रिम्स के अनुरोध पर बढ़ाई गई समय-सीमा थी। इसके बावजूद, नियुक्तियों, आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद और जर्जर भवनों की आपातकालीन मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित अवधि में पूरे नहीं किए गए।

सुनवाई के दौरान, रिम्स की ओर से अधिवक्ता ने “पर्याप्त अनुपालन” होने की बात कही, लेकिन खंडपीठ ने इस दावे को सटीक नहीं माना और टिप्पणी की कि प्रस्तुत शपथ पत्र संतोषजनक नहीं है। अगली सुनवाई अब 23 जुलाई 2026 को होगी। खंडपीठ ने रिम्स को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत एवं वास्तविक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।

18 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रिम्स के विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित मूल समय-सीमा पर रिम्स की अनुरोध पर 3 से 6 माह तक का समय-विस्तार दिया था।

रिम्स में चिकित्सा संवर्ग (Medical Cadre) के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 2 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिसपर रिम्स की ओर से 6 माह का समय-विस्तार मांगा गया था। सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर की भर्ती के लिए 2 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिसपर रिम्स की ओर से 3 माह का समय-विस्तार मांगा गया था।

वर्ग-III एवं नर्सिंग पदों पर नियुक्ति 2 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिस पर रिम्स की ओर से 6 माह समय-विस्तार मांगा गया था।

2 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिस पर रिम्स की ओर से 6 माह समय-विस्तार मांगा गया था। मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद 1 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिस पर रिम्स की ओर से कार्य जारी है कहते हुए अतिरिक्त 6 माह की आवश्यकता बताई गई थी। रिम्स में भवनों का निर्माण/जीर्णोद्धार 4 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिस पर रिम्स की ओर से कहा गया था कि इसका अनुपालन झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाना है। रिम्स में जर्जर भवनों की आपातकालीन मरम्मत के लिए 4 माह (10.10.2025 से) मूल समय-सीमा थी, जिस पर रिम्स की ओर से 6 माह समय-विस्तार मांगा गया था।

 

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