गुमला: बैंक के 4.42 करोड़ रूपया की राशि के कथित गबन से संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, गुमला के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार गुप्ता को जमानत दे दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता 25,000 रुपया के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाएगा, जिसमें से एक जमानतदार उसका निकट संबंधी होना चाहिए, जिसके नाम पर झारखंड राज्य में पर्याप्त अचल संपत्ति हो।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार की। कोर्ट ने इस तथ्य को भी महत्वपूर्ण माना कि मामले में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और सभी आवश्यक दस्तावेज अभियोजन के पास उपलब्ध हैं, जिससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना नहीं है।
क्या है मामला?
आरोप है कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच बिशुनपुर शाखा में पदस्थापना के दौरान अभिलेखों में हेरफेर कर बैंक की राशि का गबन किया गया। ऑडिटेड कम्पेरेटिव स्टेटमेंट और मुख्यालय के अभिलेखों के बीच अंतर पाए जाने के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट के सामने यह बात आई कि मामले के सह-अभियुक्त, जो कि कैशियर है और जिस पर भी गबन में संलिप्तता का आरोप है, उसे पूर्व में जमानत दी जा चुकी है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता संकल्प गोस्वामी ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता प्रत्यक्ष रूप से नकद लेन-देन के लिए उत्तरदायी नहीं था और उसे केवल उसके प्रशासनिक पद के कारण इस मामले में आरोपित किया गया है। राज्य की ओर से जमानत का विरोध किया गया। बता दें कि, यह मामला वर्तमान में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, गुमला की अदालत में विचाराधीन है।

































