ED केस के फैसले में 10 साल में 15 गवाह पेश

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झारखंड: भाजपा के पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 10 साल में सिर्फ 15 गवाह पेश किये हैं। कोर्ट में पेश किये गये गवाहों की संख्या ईडी के गवाहों की कुल संख्या का 50 प्रतिशत है। अगर मनी लांड्रिंग के इस मामले में ट्रायल की यही स्थिति रही तो फैसला होने में 40-45 साल लगने के आसार है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई बार राजनीतिज्ञों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया गया है।

झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे जिन तीन मंत्रियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है उसमे से एक भानु प्रताप शाही हैं। वह 2005 में ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक की टिकट पर जीत कर पहली बार विधायक बने थे। निर्दलीय मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री थे। उसी अवधि में भानु प्रताप शाही पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। 2019 विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने लेकिन 2024 के चुनाव में हार गए।

 

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