झारखंड पुलिस की ड्रग्स तस्करी पर सख्त कार्रवाई

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झारखंड: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को मादक पदार्थों की तस्करी, पेडलिंग और अवैध अफीम खेती के खिलाफ अभियान को तेज करने का निर्देश दिया है। साथ ही, नई पुरस्कार नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने और एनडीपीएस मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में लोगों से नशे के कारोबार के खिलाफ आगे आने और सूचना देने की अपील की गई है। सरकार की नई पुरस्कार नीति के तहत ड्रग्स तस्करी और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की सटीक सूचना देने वाले मुखबिरों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। कार्रवाई में शामिल सरकारी सेवक भी पुरस्कार के पात्र होंगे।

नई व्यवस्था में सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का प्रावधान किया गया है। वहीं, मुखबिरों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। सूचना के कारण किसी मुखबिर की मौत होने पर उसके आश्रितों को 20 लाख, 100 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता पर 10 लाख, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता पर 5 लाख, गंभीर चोट पर 3 लाख और सामान्य चोट लगने पर 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक करें, ताकि ड्रग्स तस्करी और अवैध अफीम खेती से जुड़ी सूचनाएं अधिक संख्या में प्राप्त हो सकें। साथ ही, एनडीपीएस मामलों में सख्त कार्रवाई कर नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया गया है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नशे के कारोबार, ड्रग्स पेडलिंग और अवैध अफीम खेती की सूचना नजदीकी थाना, एसपी कार्यालय, एएनटीएफ, पुलिस मुख्यालय या गृह विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

 

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