education: सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में तकनीकी खामियां और मूल्यांकन से जुड़े विवाद पर चिंता जताते हुए चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने आज बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मदद मांगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट एक PIL पर सुनवाई कर रहा था। इस PIL में केंद्र सरकार और CBSE को ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के जरिए परीक्षा कराने के नियम बनाने के संदर्भ में निर्देश देने की मांग की गयी थी।
चीफ जस्टिस ने कहा कि OSM के कारण युवा छात्र बहुत निराश है। इस क्रम में चीफ जस्टिस की बेंच में शामिल जोयमाल्या बागची ने विचार व्यक्त करते हुए कहा व्यवस्था में मौजूद समस्याएं धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से कहा, उन्हें समाप्त करने में आप हमारी सहायता करें।
सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी कि छात्र की व्यक्तिगत मार्कशीट से जुड़ा मुद्दा सुलझा लिया गया है। साथ ही, कहा कि मूल्यांकन प्रणाली में सुधार के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति बनाई गयी है।
पिछले माह OSM प्रणाली में सामने आय समस्याओं की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी को तकनीकी खामियों के कारण मूल्यांकन में आयी समस्याओं की जांच करने, OSM सिस्टम की खरीद प्रक्रिया और टेंडर शर्तों की समीक्षा का ज़िम्मा दिया गया है।
कोर्ट के दखल को देखते हुए सॉलिसिटर जनरल ने अनुरोध किया कि उन्हें कमेटी और सरकार दवारा उठाए गए कदमों की जानकारी देने का अवसर मिलना चाहिए. कोर्ट ने इस पर सहमति जताई और अगले सप्ताह सुनवाई करने की बात कही।
































