बारिश की कमी से सूखे खेत, परेशान किसान

    0
    8

    featured: इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में धान का बिचड़ा तैयार है, लेकिन भारी बारिश नहीं होने से रोपाई का काम शुरू नहीं हो रहा है। मानसून सक्रिय नहीं हो रहा है। इसकी वजह से धान की खेती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसानों ने बताया कि महंगे दामों पर धान का बीज खरीदकर बिचड़ा तैयार किया है।

    बीज भंडारों से 400 से 500 रुपये प्रति किलो की दर से बीज खरीदे गए है। खेत तैयार करने के लिए ट्रैक्टर से जुताई कराए। जहां 1200 रुपये प्रति घंटे का खर्च हुआ। इसके अलावा, गोबर खाद और अन्य खेती करने में भी हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं। लेकिन बारिश नहीं हो रही है। खेतों में पानी जमा नहीं हो रहा है।

    नगड़ी दलादिली के किसान अनिल तिर्की ने बताया कि करीब 15 हजार रुपये खर्च कर 30 किलो धान का बीज खरीदा और बिचड़ा तैयार किया। इस समय तक रोपाई शुरू हो जाती है, लेकिन, करीब 20 दिन बीत चुका है। खेत भी सूखे पड़े हैं। यदि यही स्थिति रही तो धान की खेती करना मुश्किल हो जाएगा।

    वहीं, रातु के सुखेर पाहन ने बताया कि बीच-बीच में हल्की बारिश तो हो रही है। लेकिन, लगातार और तेज बारिश नहीं होने से खेतों में पानी नहीं टिक रहा है. तेज धूप के कारण बिचड़ा खराब होने की आशंका बढ़ गई है।

    किसान देवेंद्र पाहन ने बताया कि पिछले साल जून महीने में ही बिचड़ा तैयार कर लिया गया था। लेकिन, इस साल पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में पानी नहीं भर रहा है। दोन का मिट्टी केवल ऊपरी सतह तक ही भीग रही है। धूप होने की वजह से कुछ ही घंटों में सूख जा रही है। यही वजह है कि धान की रोपाई शुरू नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कुओं और नदियों में भी पर्याप्त पानी नहीं हुआ है, कुआं का पानी अब भी काफी गहराई में है।

     

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here