कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष राजेश ठाकुर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने दो मई गुरुवार को तलब किया था राजेश ठाकुर ने बताया कि उन्हें दिल्ली पुलिस के ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस’ कार्यालय में जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।
दिल्ली पुलिस से मंगलवार को मुझे नोटिस मिला। लेकिन यह मेरी समझ से परे है कि मुझे नोटिस क्यों दिया गया है। यह अराजकता के अलावा और कुछ नहीं है। राजेश ठाकुर ने कहा-‘यदि कोई शिकायत थी तो उन्हें सबसे पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मेरे अकाउंट पर उपलब्ध सामग्री को सत्यापित करना चाहिए था। चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और चुनाव अभियान में मेरी व्यस्तता को समझा जा सकता है। इस स्थिति में, उन्होंने मेरा लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान मांगे हैं। चीजों को सत्यापित किये बिना समन जारी करना उचित नहीं है।’ ठाकुर ने कहा कि वह इस मामले कानूनी सलाह ले रहे हैं।
इसी बीच, कांग्रेस की झारखंड इकाई के ‘एक्स’ हैंडल पर कहा गया है कि एक विधिक मांग पर अकाउंट पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में राजेश ठाकुर ने कहा, ‘हमारे ‘एक्स’ हैंडल पर कितनी जल्दी रोक लगा दी गई है, वह भी ऐसे समय में जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। ऐसा लगता है कि विरोध की आवाज को दबाने के लिए यह एक सोची-समझी रणनीति है।’





























