ट्रंप-मेलोनी विवाद पर इटली का कड़ा जवाब

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देश विदेश: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इसका असर कूटनीतिक रिश्तों पर पड़ गया है। खबर है कि ट्रंप द्वारा मेलोनी को लेकर की गयी विवादित टिप्पणी से नाराज इटली ने अपने विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा कैंसल दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ होने वाली निर्धारित मीटिंग भी खटाई में पड़ गयी है।

एंटोनियो तजानी ने कल शुक्रवार को इस बात को सार्वजिनक किया कि वे अब मियामी में होनेवाले इटली-अमेरिका बिजनेस, इन्वेस्ट और साइंस फोरम में शिरकत नहीं करेंगे। जान लें कि, तजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप ने गंभीर और अपमानजनक शब्दे का इस्तेमाल किया। यह पूरे इटली का अपमान हैं। तजानी ने कहा, इस कारण मैंने 21 और 22 जून को प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है।

मामला यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने इटली के टीवी चैनल La7 को दिये एक साक्षात्कार में दावा किया कि हाल ही में, फ्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए लालायित थी। उन्होंने मुझसे साथ में तस्वीर खिंचवाने की रिक्वेस्ट की थी। वह मेरे साथ फोटो चाहती थीं। लेकिन, मैं फोटो नहीं खिंचवाना चाहता था, लेकिन मुझे उन पर दया आ गयी।

ट्रंप के बयान पर जॉर्जिया मेलोनी भड़क गयी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह गलत करार दिया। मेलोनी ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप के बयान शत-प्रतिशत झूठ हैं। मेलोनी हैरानगी जताते हुए कहा, मुझे समझ नहीं आता कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ही सहयोगियों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं। यह पहली बार नहीं है।

जॉर्जिया मेलोनी ने इसे शर्मनाक हरकत करार देते हुए कहा, वह (डोनाल्ड ट्रंप) पश्चिमी देशों के दुश्मनों और अमेरिका के विरोधियों के खिलाफ इतनी सख्ती नहीं दिखाते, जितनी हम सहयोगियों के खिलाफ दिखाते हैं। मेलोनी ने चेताते हुए कहा, एक बात याद रखिए, इटली और मैं कभी भीख नहीं मांगते। लेकिन, ट्रंप हैं कि मानते ही नहीं। इस विवाद के बाद NBC News को दिये गये साक्षात्कार में ट्रंप ने फिर मेलोनी पर निशाना साधा.. ट्रंप ने कहा, वे उन्हें (मेलोनी) अपना समर्थक नहीं मानते क्योंकि नाटो समूह का उस समय साथ नहीं दिया जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा मुद्दा उफान पर था।

जान लें कि, इन दोनों नेताओं को पश्चिमी यूरोप में एक-दूसरे का करीबी सहयोगी माना रहा है। अहम बात यह है कि मेलोनी ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली प्रमुख यूरोपीय नेताओं में अकेली थीं।

 

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