झारखंड: झारखंड बार एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को उत्पाद सचिव अमिताभ कौशल से मुलाकात की. एसोसिएशन ने मांग किया कि 2022 से लंबित बार लाइसेंस कोटा का निर्धारण किया जाए और कोटा के मुताबिक शराब व बियर की सप्लाई की जाए।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने 5 प्रतिशत रिटेलिंग मार्जिन का मुद्दा भी उठाया। उत्पाद सचिव ने सभी को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं पर विचार किया जाएगा और उसे दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। मुलाकात के दौरान, एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजन कुमार ने उत्पाद सचिव को एक पत्र सौंपा जिसमें कहा गया है कि झारखंड में 2022 के बाद से नए बार का कोई भी कोटा निर्धारित नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़ की उत्पाद नीति को अपनाए जाने के बाद भी, बार मालिकों के लिए सालाना कोटा निर्धारण का स्पष्ट तरीका लागू नहीं किया गया।
बार मालिक बिना किसी निश्चित कोटा के व्यापार कर रहे हैं, जिससे न तो उन्हें यह पता होता है कि वे कितनी बिक्री कर सकते हैं और न ही विभाग यह सुनिश्चित कर पाता है कि उन्हें पर्याप्त स्टॉक मिल रहा है या नहीं।
एसोसिएशन के प्रेम शंकर ने मुलाकात के दौरान कहा कि कोटा निश्चित न होने से कम या अधिक स्टॉक की समस्या बनी रहती है। अधिक स्टॉक होने पर जहां पूंजी फंस जाती है, वहीं, कम स्टॉक होने पर बाजार में मांग के अनुसार बिक्री नहीं हो पाती, जिससे व्यापार में भारी नुकसान होता है।
उत्पाद सचिव से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने गुंडई व रंगदारी का मुद्दा भी उठाया जिसमें कहा कि बार एवं बार के बाहर रोड पर भी हो रहे झगड़ों के लिए बार मालिक को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।
बार मालिक बार के अंदर की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन, सार्वजनिक सड़क पर होने वाली घटनाओं के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराना अनुचित है। इस मामले में विभाग से हस्तक्षेप करने की मांग की गई।
एसोसिएशन के महासचिव उमेश सिन्हा और कोषाध्यक्ष बिरेंद्र साहू ने बताया कि विभाग ने एसोसिएशन को आश्वस्त किया है कि सभी तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों पर एक उच्च-स्तरीय बैठक की जाएगी।





























