झारखंड: रामगढ़ जिले के नेमरा गांव स्थित दिवंगत गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के पैतृक आवास पर सोमवार 11 अगस्त को तीन प्रमुख आदिवासी संगठन जिनमें से केंद्रीय सरना समिति झारखंड, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत और आदिवासी विस्थापित मोर्चा धुर्वा के प्रतिनिधिमंडल ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित किया। इसी के साथ मौके पर प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर संवेदना भी जताया।
संगठन प्रतिनिधियों ने यह कहा कि आदिवासी समाज इस शोक की घड़ी में सोरेन परिवार के साथ खड़ा है और सरना धर्मावलंबियों ने चाला मां और धर्मेश बाबा से प्रार्थना किया है कि दिवंगत गुरु की आत्मा को शांति मिले और परिवार हमेशा इस दुख को सहने की शक्ति रखें।
जन सेवा और संघर्ष के प्रतीक थे गुरु शिबू सोरेन
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने यह बताया कि शिबू सोरेन का संपूर्ण जीवन जनजातीय असीमता और अधिकारों और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा था एवं वे सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि जन सेवा और संघर्ष के काफी महत्वपूर्ण प्रतीक थे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बीमारी के दौरान उनके स्वास्थ्य के लिए सारण स्थलों में निरंतर प्रार्थनाएं भी की गई थी।
कौन-कौन रहे शामिल?
श्रद्धांजलि के वक्त प्रतिनिधि मंडल में अजय तिर्की, मुन्ना उरांव, राहुल उरांव, मदन उरांव, प्रकाश हंस, बिरसा कच्छप, अजय कच्छप, अनिल उरांव, वीरेंद्र उरांव, नीरज मुंडा, सुभानी तिग्गा, गेना कच्छप, बिगलहा उरांव, महादेव उरांव, गांडूरा उरांव, सीता खालखो, सुचिता बाड़ा, कमला बाड़ा, विनीता तिग्गा, सुनीता उरांव, फुलजेंसिया लिंडा समेत और भी अन्य लोग मौजूद रहे।
































