रांची : राजधानी रांची में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। रिंग रोड स्थित झिरी कचरा डंपिंग यार्ड के पास एक मृत गाय को कचरे के ढेर के पास फेंक दिया गया, जिसे आवारा कुत्ते नोच-नोच कर खा रहे हैं। यह दृश्य न सिर्फ मानवता को झकझोरने वाला है, बल्कि नगर निगम और समाज की लापरवाही को भी उजागर करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति पहली बार नहीं हुई है। कचरा डंपिंग यार्ड के पास इस तरह की घटनाएं पहले भी देखी गई हैं, जहां मरे हुए जानवरों को खुले में छोड़ दिया जाता है। नतीजा यह होता है कि वह बीमारियों और दुर्गंध का कारण बनते हैं, और जंगली जानवरों व कुत्तों का निवाला बन जाते हैं। घटना को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं — आखिर ये लापरवाही किसकी है? रांची नगर निगम की, जो डंपिंग यार्ड की निगरानी और सफाई की जिम्मेदारी निभाती है? या फिर उस गौपालक की, जिसने इस बेजुबान को उसके मरने के बाद यूं ही छोड़ दिया?
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और पशु अधिकार संगठनों ने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह से जानवरों को फेंकना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि यह नगर निगम के नियमानुसार भी अपराध की श्रेणी में आता है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या कोई जांच होगी? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी आने वाले दिनों में कचरे की तरह ही ढक कर भुला दिया जाएगा?
फोटो विवरण: झिरी डंपिंग यार्ड के पास सड़क किनारे पड़ी मृत गाय और उसके आसपास मंडराते आवारा कुत्ते।
- स्थानीय निवासियों की मांग:
- मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था हो
- नगर निगम द्वारा निगरानी व्यवस्था बढ़ाई जाए
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो




























