झारखंड: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी को रांची सिविल कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया। कोर्ट ने उनकी उसे याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत पेशी से स्थाई छूट मांगी थी और यह फैसला रांची स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सुनाई गई है।
7 जुलाई 2025 को इस मामले में पेश किए गए सभी पक्ष की ओर से बहस और दलीलें के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया। साथी यह स्पष्ट कर दिया कि मंत्री इरफान अंसारी को हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना ही पड़ेगा।
आखिर क्या है मामला?
इरफान अंसारी का यह पूरा मामला वर्ष 2020 का है जब भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता और योग प्रशिक्षक राफिया नाज ने मंत्री इरफान अंसारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था जिसमें उन्होंने इसको लेकर अदालत में शिकायत बाद दायर किया था।
चल रहा है मुकदमा
राफिया नाज की शिकायत पर अदालत ने पहले ही डॉक्टर इरफान अंसारी पर मुकदमा चलाने का अनुमति दे दिया था और अब मंत्री की पेशी से राहत पाने की याचिका खारिज होने के बाद इस मामले में कानूनी प्रक्रिया और भी गंभीर हो गई है।
रांची के सिविल कोर्ट केस फैसले के बाद झारखंड की सियासत में एक बार फिर से हलचल मच गया है और विपक्ष इस मुद्दे को और अधिक आक्रामक तरीके से उठा सकते हैं, जिसमें देखना यह है कि मंत्री इरफान अंसारी इस फैसले के खिलाफ न्याय उच्च न्यायालय में अपील करते हैं या नहीं।





























