पोटका क्षेत्र के माटकू पंचायत के सालखुडीह टोला में विकास की किरणें नहीं पहुंच सकी हैं। गांव के लगभग 50 संथाल परिवारों ने प्रदर्शन कर सरकार के प्रति अपना आक्रोश जताया और सड़क समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग की।
*ग्रामीण समस्याएं*
– गांव में पहुंचने के लिए कीचड़ भरी सड़कों से गुजरना पड़ता है।
– बारिश के मौसम में मरीज को खटिया में लादकर कीचड़ भरे रास्ते से मटियातक तक लाना पड़ता है।
– गांव में कोई वाहन नहीं पहुंचता और प्रधानमंत्री आवास योजना से 10 संथाल परिवार वंचित हैं।
– बच्चों को पढ़ाई के लिए तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है और बरसात के दिनों में खराब रास्तों के कारण वे स्कूल नहीं जा पाते।
– गांव में आंगनवाड़ी केंद्र नहीं है और टाटा स्टील द्वारा बनाए गए तालाब से ही ग्रामीण स्नान करते हैं।

*जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा*
– गांव में आज तक कोई सांसद या विधायक नहीं आया है।
– ग्रामीण विकास की ओर देखती हैं आंखें, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
– झारखंड को अलग राज्य बने 24 साल हो चुके हैं और देश को आजाद हुए 75 साल, लेकिन सालखुडीह गांव आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।




























