प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हिस्सा लिया और राज्य के विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री सोरेन ने नीति आयोग से आग्रह किया कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए राज्य के विकास योजनाओं में लचीलापन और अनुकूलता लाई जाए।
*आदिवासी और पिछड़े इलाकों का विकास*
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि राज्य में आदिवासी और पिछड़े इलाकों के विकास के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, कृषि और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में केंद्र की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और राज्य को अधिक वित्तीय सहायता दिए जाने की मांग की।
*केंद्र का सहयोग जरूरी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में विकास योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र से सहयोग आवश्यक है और इस दिशा में नीति आयोग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय बढ़ाना आवश्यक है।
*बैठक में चर्चा*
बैठक में हरित विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल इंडिया मिशन, जल संरक्षण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
*विकास के लिए समन्वय*
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की बैठक में चर्चा के बाद राज्य के विकास के लिए नई दिशा मिलेगी और राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
































