झारखंड: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा जारी 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम को लेकर विवाद गहरा गया है। परिणाम में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए भाजपा युवा मोर्चा और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आज जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने परिणाम रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयोग ने पारदर्शिता का पालन नहीं किया। उनका दावा है कि चार सदस्यीय समिति में अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों के हस्ताक्षर और सहमति के बिना ही परिणाम जारी कर दिया गया। साथ ही, परिणाम सूची में 832 रोल नंबर लगातार गायब होने पर भी सवाल उठाए गए।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने कट-ऑफ अंक जारी किए बिना ही 14 से 16 दिनों के भीतर परिणाम घोषित कर दिया। उनका कहना है कि परीक्षा में कई प्रश्नों के उत्तर गलत होने के बावजूद परिणाम जारी कर दिया गया। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि खाली ओएमआर शीट जमा करने वाले अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उत्तर पुस्तिका की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन और आवश्यक सरकारी प्रमाणपत्र जमा करने के लिए केवल 15 दिन का समय दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इतने कम समय में सभी दस्तावेज जुटाना अधिकांश अभ्यर्थियों के लिए संभव नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान, भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं ने राज्य सरकार और जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि आयोग में पारदर्शिता नहीं है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
भाजपा युवा मोर्चा और अभ्यर्थियों ने मांग की कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा का परिणाम तत्काल रद्द किया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

































