बिहार के सीवान जिले की रहने वाली मिंता देवी इन दिनों अचानक पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गई हैं। वजह है चुनाव आयोग की मतदाता सूची में दर्ज उनकी उम्र—124 साल। यह अजीबोगरीब मामला तब सुर्खियों में आया जब मंगलवार को I.N.D.I गठबंधन के सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मिंता देवी के नाम और उनकी उम्र वाले प्रिंटेड टी-शर्ट पहनकर संदेश दिया। इस कदम ने इस मुद्दे को और ज्यादा चर्चा में ला दिया। प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की गंभीर गलतियां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता पर सवाल उठाती हैं।

इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए मिंता देवी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया—“जब मैंने सुना कि मेरी उम्र 124 साल लिखी गई है, तो मैं खुद भी हैरान रह गई। असल में मेरी उम्र इससे कहीं कम है, लेकिन चुनाव आयोग ने गलत दर्ज कर दिया। मैं चाहती हूं कि इस गलती को जल्द सुधारा जाए।”

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में तब पता चला जब स्थानीय लोगों और मीडिया ने उनसे इस पर सवाल पूछने शुरू किए। वहीं, इस मामले को लेकर चुनाव आयोग की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। अधिकारियों ने कहा कि संभव है कि डेटा एंट्री के दौरान तकनीकी गलती या पुराने रिकॉर्ड के आधार पर यह एंट्री हुई हो। फिलहाल, आयोग ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद आवश्यक सुधार किया जाएगा इस घटना ने न केवल सीवान में बल्कि पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि यदि एक महिला की उम्र इतनी बड़ी गलती से दर्ज हो सकती है, तो मतदाता सूची में और भी कई त्रुटियां छिपी हो सकती हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी द्वारा मिंता देवी का नाम टी-शर्ट पर पहनना केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं था, बल्कि यह चुनावी प्रक्रिया की खामियों को उजागर करने और जनता का ध्यान इस ओर खींचने की रणनीति भी है।

फिलहाल, मिंता देवी की उम्र का यह मामला सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है, और सबकी नजरें अब चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

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