राजनीति: झारखंड की राजनीति इन दिनों एक अजीब करवट ले रही है। 18 जून को राज्यसभा की दो सीटों पर मतदान है। लेकिन, असली हलचल उससे पहले ही शुरू हो गई है। अहमदाबाद से आए परिमल नाथवानी जब से मैदान में उतरे हैं, तब से झारखंड की सियासी हवा का रुख बदल गया है। नाथवानी कोई जुआ नहीं खेल रहे, वह पूरा हिसाब लगाकर आए हैं, यह बात राजनीतिक गलियारों में खुलकर कही जा रही है। कांग्रेस इसे हॉर्स ट्रेडिंग बता रही है, भाजपा की जुबान बंद है और यह खामोशी खुद में एक बड़ा जवाब हैं।
इंडिया गठबंधन की तरफ से झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा चुनाव लड़ रहे हैं। बैजनाथ राम की राह आसान मानी जा रही है। लेकिन, दूसरी सीट के लिए प्रणव झा और परिमल नाथवानी के बीच जो टकराव है, इस पूरे चुनाव की असली कहानी है। दो सीटों पर तीन उम्मीदवार और हर तरफ से जोड़-तोड़ का खेल जारी है।
NDA का किला बना रेडिसन ब्लू
चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, विधायकों को साधने की कोशिशें तेज होती जा रही हैं। परिमल नाथवानी रांची के रेडिसन ब्लू होटल में डेरा जमाए हुए हैं। NDA के विधायक भी एक-एक कर यहीं पहुंच रहे हैं। होटल के करीब 30 कमरे बुक हो चुके हैं और पूरा माहौल किसी चुनावी कमांड सेंटर जैसा बन गया है।
विधायकों को यहां मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी, ताकि कोई वोट बेकार न जाए। गुरुवार की सुबह सभी सीधे विधानसभा पहुंचेंगे और अपना मत डालेंगे। झारखंड की इस राजनीतिक बिसात पर अगला दांव अब 18 जून को पड़ेगा।
































