झारखंड: एमएमआरडी कानून में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने आरोप लगाया कि नए कानून से झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों पर असर पड़ेगा।
प्रेस वार्ता में सहाय ने कहा कि झारखंड को खनिज से सेस और रॉयल्टी के जरिए करीब 14 हजार करोड़ रुपये की आय होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नजर इस राजस्व पर है। सहाय ने 2024 में सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय संविधान पीठ के खनिज अधिकारों से जुड़े फैसले का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र ने उसके प्रभाव को कम करने के लिए कानून में बदलाव किया है।
उन्होंने झारखंड के करीब 1.38 लाख करोड़ रुपये के पुराने बकाये का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यह केवल पैसे का नहीं, बल्कि राज्य के अधिकार और संघीय व्यवस्था का सवाल है। सहाय ने दावा किया कि कानून में बदलाव का असर पेसा कानून और पाँचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी अधिकारों पर भी पड़ सकता है।
भाजपा सांसदों से सवाल करते हुए सहाय ने कहा कि उन्हें झारखंड के हित में राज्य के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा, “खनिज हमारा, जमीन हमारी, लेकिन फैसला दिल्ली का, यह बर्दाश्त नहीं होगा।”
कांग्रेस के आंदोलन के तहत 27 अगस्त को सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन, 6 से 9 सितंबर तक प्रखंड स्तर पर विरोध और 7 सितंबर को राज्यस्तरीय आंदोलन किया जाएगा।


































