झारखंड: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) परियोजना के तहत डेटा अपलोड करने में जिलों द्वारा बरती जा रही गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से सभी संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि साल 2025 के सभी लंबित इन्वेस्टिगेशन इन्फॉर्मेशन फॉर्म की रिपोर्ट हर हाल में 31 दिसंबर रात 12 बजे तक सीसीटीएनएस सीएएस एप्लीकेशन में अपलोड की जाएं।
राष्ट्रीय रैंकिंग पर पड़ता है बुरा असर
पुलिस मुख्यालय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में यह बार-बार देखा गया है कि कुछ जिलों द्वारा वर्ष की अंतिम तिथि तक भी इन्वेस्टिगेशन इन्फॉर्मेशन फॉर्म रिपोर्ट एप्लीकेशन में लंबित रख दी जाती हैं, जिससे लीगेसी डेटा की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है।
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस लंबित डेटा के कारण लीगेसी डेटा की बढ़ती संख्या का प्रतिकूल असर राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के रैंकिंग पर पड़ता है। यह स्थिति न केवल राज्य की पुलिसिंग, बल्कि डेटा प्रबंधन क्षमता की छवि को भी प्रभावित करती है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जारी आदेश में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि 31 दिसंबर 2025 तक डेटा अपलोड सुनिश्चित किया जाए। डेटा लंबित रहने के लिए संबंधित पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और फील्ड मैनेजर सीधे तौर पर जिम्मेवार समझे जाएंगे।
लापरवाही पाए जाने पर इन सभी पर नियमानुसार सख़्त कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस मुख्यालय ने इस संदर्भ में सभी जिले के एसपी को आदेश दिया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी करें और 31 दिसंबर की रात 12 बजे तक लंबित सभी डेटा को बिना किसी चूक के अपलोड करवाना सुनिश्चित करें।






























