झारखंड लोकगीत में अब अश्लीलता पर लगाया जाएगा रोक, उपायुक्त ने दिया निर्देश

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झारखंड: झारखंड लोक संगीत में भर्ती अश्लीलता और सांस्कृतिक प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग को लेकर आज झारखंडी कलाकार मंच रांची के प्रतिनिधि मंडल ने उपयुक्त शहर जिला दंडाधिकारी श्री मंजुनाथ भजंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सोपा। मंच ने बताया कि वर्तमान में लोकगीत पर काफी अभद्र शब्द एवं नारी विरोधी विचार और संस्कारहीन प्रस्तुति बढ़ते जा रहा है जिसे झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और युवाओं पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह एक काफी गंभीर विषय है।

 

मौजूद कलाकार मंच ने उपयुक्त से मांग करते हुए कहा कि अश्लील और फुहार गीतों के निर्माण एवं उनके प्रदर्शन और प्रसारण पर प्रभावी रोक जल्द से जल्द लगाया जाए और साथ ही मंच यह कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन पर प्रशासनिक निगरानी की जाए। उन्होंने साइबर सेल से यूट्यूब और अन्य प्लेटफार्म पर प्रसारित अशोक ने सामग्री पर कार्रवाई करने की मांग की जिसमें मंच ने यह आग्रह किया कि कलाकारों और आयोजकों के लिए दिशा निर्देश तय किया जाए ताकि लोकसभा और संस्कृति की कोई अपमान ना हो।

 

स्थानीय कलाकारों को दी जानी चाहिए प्राथमिकता

शॉपिंग के ज्ञापन में झारखंड सरकार के आयोजनों में राज्य के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने की भी मांग की गई है जिसमें मंच ने यह व्यक्त किया है कि इससे न केवल कलाकारों को मंच मिलेगा बल्कि पारंपरिक संस्कृति का भी संरक्षण होगा और बढ़ावा दिया जाएगा।

 

उपयुक्त ने उठाए ठोस कदम

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजन श्री ने इस पूरे मामले को गंभीरता से सोच और विचार किया और उसी के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और लोग गौरव की रक्षा के लिए प्रशासन द्वारा नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी जिसमें उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को भी इस मामले में आवश्यक निर्देश दे दिए जाएंगे।

मंच ने ग्रामीण क्षेत्रों में डीजे के दुरुपयोग और रात भर बजाने वाली तेज ध्वनि से हो रही समस्याओं का भी ध्यान दिलाया जिसमें उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि ध्वनि प्रदूषण का उल्लंघन करने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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