नई दिल्ली। इंस्टाग्राम पर ग्लैमरस तस्वीरें और लाइफस्टाइल वीडियो से लाखों फॉलोअर्स जुटाने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क अब गंभीर आरोपों में जेल की सलाखों के पीछे है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 40 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के मुताबिक, संदीपा विर्क पर लोगों से झूठे बहाने बनाकर पैसे ऐंठने और उन्हें धोखाधड़ी से अपने खातों में ट्रांसफर कराने का आरोप है। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि वह एक फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट चला रही थी, जो महंगे सौंदर्य और स्किनकेयर उत्पाद बेचने का दावा करती थी, लेकिन ग्राहक तक सामान कभी नहीं पहुंचता था।

ईडी ने दिल्ली और मुंबई में संदीपा विर्क से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। छापों के दौरान टीम को कई महंगे मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, नकदी और बैंक अकाउंट से जुड़ी अहम दस्तावेज़ी सबूत मिले। जांच में यह भी सामने आया कि उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल और रील्स के पीछे का भव्य लाइफस्टाइल असल में गैरकानूनी कमाई से फंड हो रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, संदीपा विर्क ने सोशल मीडिया पर अपनी ‘लक्ज़री लाइफस्टाइल क्वीन’ की छवि बनाकर न सिर्फ फॉलोअर्स का भरोसा जीता, बल्कि इस भरोसे का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर पैसों की ठगी के लिए किया। पीड़ितों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है, जो उनके इंस्टाग्राम विज्ञापनों और ऑफर्स से प्रभावित होकर वेबसाइट से खरीदारी करते थे। फिलहाल, ईडी ने संदीपा को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में बैंक खातों की लेन-देन हिस्ट्री और विदेश में संभावित निवेश की भी जांच जारी है। इस गिरफ्तारी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की चमक-दमक के पीछे छिपे अंधेरे सच पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों फॉलोअर्स और करोड़ों लाइक्स के बावजूद, सच्चाई यह है कि इंटरनेट पर दिखने वाली हर तस्वीर असलियत नहीं होती।

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