हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के रहने वाले धनंजय महत्व की सऊदी अरब में कार्य के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद राज्य सरकार की पहल से उनका पार्थिव शरीर स्वदेश लाया गया। उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संवेदनशीलता एवं श्रमिकों के प्रति सम्मान के चलते ही यह हो पाया जो विदेशों में काम के दौरान जान गवाने वाले प्रवासी मजदूर के शव उनके परिवार तक पहुंचाया गया।
धनंजय महत्व का पार्थिव शरीर झारखंड सरकार के श्रम विभाग के अधीन राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के प्रयास से सऊदी अरब की ताबुक से उनके गांव बंदघडी पोस्ट उच्च घना थाना विष्णुगढ़ जिला हजारीबाग लाया गया।
कार्य के दौरान हुई मौत
धनंजय महतो 29 वर्ष के थे और लार्सन ऐंड टुब्रो कंपनी में कार्यरत थे। वह सऊदी अरब के ताबुक शहर रोजगार के सिलसिले में गए और 24 में 2025 को कार्य के दौरान एक दुखद घटना में उनकी मौत हो गई। इस हादसे का सूचना मिलते ही झारखंड प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्परता से कार्रवाई शुरू किया और विदेश में स्थित भारतीय कर्मचारी के परिजनों के बीच समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने का प्रक्रिया पूरा हुआ।

झारखंड सरकार के द्वारा परिवार को सहयोग
राज्य के प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा यह भी तय किया गया है कि मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा इसके लिए संबंधित कंपनी एवं अन्य निकायों के साथ संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्रम विभाग के ओर से यह बताया गया कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध करी जाएगी और उन्हें इस कठिन समय में सहारा दिया जाएगा।

झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार प्रवासी श्रमिकों और कामगारों के हित में लगातार काम चल रही है एवं विदेशों में काम कर रहे झारखंड के श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य हमेशा अहम भूमिका निभा रही है।






























