रांची: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के जनता दरबार में सोमवार को बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे। पेंशन, ज़मीन विवाद, शिक्षा और योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर आम जनता ने अपनी फरियाद रखी। उपायुक्त ने सभी की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक मामले में त्रिलोचन सिंह, जिन्होंने 10 साल पहले आत्मसमर्पण नीति के तहत सरकार के सामने आत्मसमर्पण किया था, ने बताया कि उन्हें तो ज़मीन मिली थी, लेकिन उसका उपयोग संभव नहीं हो पा रहा था। इस पर उनके परिवार ने जनता दरबार में उपायुक्त से गुहार लगाई। उपायुक्त भजन्त्री ने तुरंत सीओ को फ़ोन कर दूसरी जगह ज़मीन देने का आदेश दिया। परिवार ने राहत की सांस लेते हुए उपायुक्त और मुख्यमंत्री का आभार जताया।
दूसरे मामले में राकेश कुमार चौधरी लंबे समय से सक्सेशन म्यूटेशन के लिए भटक रहे थे। जनता दरबार में शिकायत के बाद उपायुक्त ने शहर सीओ को फ़ोन कर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। कुछ ही मिनटों में उनका म्यूटेशन पूरा कर दिया गया, जिस पर राकेश ने खुशी जताई और उपायुक्त को धन्यवाद दिया। कांके थाना क्षेत्र के अहमद रजा ने शिकायत की कि 28 अगस्त को उनसे मारपीट और छिनतई हुई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार लोगों के लिए प्रशासन तक पहुँचने का सबसे सरल माध्यम है। हर सही फरियाद का समाधान किया जाएगा और किसी की समस्या को अनसुना नहीं छोड़ा जाएगा।






























