झारखंड: झारखंड पुलिस के पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण देने वाले केंद्र में मैनपावर की कमी हो गई है। इसको लेकर डीजीपी कार्यालय ने राज्य के सभी जिले के एसएसपी, एसपी और समादेष्टाओं को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है।
यह पत्र हजारीबाग के पदमा में स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भारी कमी को दूर करने के लिए तत्काल प्रतिनियुक्ति और पदस्थापन के स्वेच्छा से मनोनयन उपलब्ध कराने के संबंध में है।
पदाधिकारीयों के सेवानिवृत्ति से प्रभावित हुआ प्रशिक्षण कार्य
प्रशिक्षण केंद्र में एक जनवरी 2025 से 30 अक्टूबर 2025 तक कुल आठ पुलिस पदाधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक चार और पदाधिकारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इस तरह कुल 12 पदाधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण संस्थान में बल की अत्यधिक कमी हो गई है। जिससे न केवल प्रशिक्षण कार्य, बल्कि कार्यालय कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कुल 35 पदों पर तत्काल प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता
संस्थान में प्रशिक्षण और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए अलग-अलग पदों पर तत्काल कुल 35 पुलिस पदाधिकारियों को पदस्थापित या प्रतिनियुक्त करने की जरूरत है। जिनमें पांच इंस्पेक्टर, चार वायरलेस इंस्पेक्टर, पांच सब इंस्पेक्टर, दस वायरलेस सब इंस्पेक्टर, एक आयुध सब इंस्पेक्टर और दस एएसआई के पद शामिल हैं।
स्वेच्छा मनोनयन उपलब्ध कराने का निर्देश
डीजीपी कार्यालय ने राज्य के सभी संबंधित इकाइयों को तत्काल प्रभाव से निर्देश दिया है कि वे प्रशिक्षण में पदस्थापित और प्रतिनियुक्ति के लिए इच्छुक पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का स्वेच्छा मनोनयन प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं।






























