प्रियंका चोपड़ा, अक्षय कुमार और लारा दत्ता अभिनीत 2003 की सुपरहिट फिल्म ‘अंदाज़’ के दो दशक से ज्यादा समय बाद इसकी फ्रेंचाइजी का दूसरा भाग ‘अंदाज़ 2’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गया। इस रोमांटिक ड्रामा में आयुष कुमार, आकाश और नताशा फर्नांडीज मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। नई स्टार कास्ट और आधुनिक ट्रीटमेंट के साथ आई यह फिल्म भारी उम्मीदों के साथ रिलीज हुई, लेकिन दर्शकों को प्रभावित करने में नाकाम रही।

फिल्म की कहानी तीन दोस्तों के रिश्तों और उनकी उलझनों पर आधारित है, जिसमें रोमांस, इमोशन और कॉमेडी का तड़का लगाने की कोशिश की गई है। पहले हाफ में धीमी रफ्तार और कमजोर स्क्रिप्ट के कारण दर्शकों का ध्यान भटकता है, जबकि दूसरे हाफ में अचानक से ड्रामा और इमोशन का ओवरडोज कहानी को बिखेर देता है।
अभिनय के मोर्चे पर आयुष कुमार और आकाश की जोड़ी ताजगी तो लाती है, लेकिन सीमित अभिनय और इमोशनल कनेक्शन की कमी महसूस होती है। नताशा फर्नांडीज अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से ग्लैमर जोड़ती हैं, मगर भावनात्मक दृश्यों में असर छोड़ने में असफल रहती हैं। सपोर्टिंग कास्ट को भी पर्याप्त स्पेस नहीं मिला।
निर्देशन में पुराने अंदाज़ का फ्लेवर और नए दौर की कहानी को मिलाने की कोशिश की गई, लेकिन एडिटिंग की कमी और खिंचे हुए सीन फिल्म की पकड़ ढीली कर देते हैं। म्यूजिक के मामले में यह फिल्म पिछली ‘अंदाज़’ की बराबरी नहीं कर पाती, केवल एक-दो गाने ही याद रह जाते हैं।
कुल मिलाकर, ‘अंदाज़ 2’ एक ऐसा सीक्वल है जो सबकुछ समेटने की कोशिश में कहानी और इमोशन, दोनों ही मोर्चों पर कमजोर पड़ जाता है। दर्शकों को सिर्फ कुछ पलों में ही पुरानी फिल्म की यादें मिलेंगी, बाकी समय निराशा हाथ लगेगी।




























