झारखंड: झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) ने शनिवार को कतरास कांटा पहाड़ी और मधुबन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। समिति की अगुवाई अध्यक्ष एवं टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने की।
इस दौरान निरसा विधायक अरूप चटर्जी, धनबाद विधायक राज सिन्हा, सिंदरी विधायक चंद्र देव महतो, तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया, चंदनक्यारी विधायक उमाकांत रजक और बोरियो विधायक धनंजय सोरेन मौजूद रहे। समिति ने स्थल भ्रमण के दौरान आउटसोर्सिंग कंपनियों के कार्यों से रैयतों की जमीन को हो रही क्षति की स्थिति का अवलोकन किया।
सर्किट हाउस में हुई विस्तृत बैठक निरीक्षण से पहले सर्किट हाउस में उपायुक्त आदित्य रंजन, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल, निदेशक संजय कुमार सिंह और अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें आउटसोर्सिंग कार्यों और रैयतों की जमीन पर हो रही क्षति से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
विशेष कोषांग का किया जाएगा गठन
समिति अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रैयतों की जमीन से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए एक विशेष कोषांग का गठन किया जाएगा। इसमें रैयतों के भूमि कागजातों की जांच कर समाधान किया जाएगा। साथ ही अंचल अधिकारियों को जमीन की मापी और सीमांकन का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अमीन भी तैनात किए जाएंगे।
कंपनी को मुआवजा देने का मिला निर्देश
यदि गैर आबाद भूमि पर ओवरबर्डन डंप किया गया है तो संबंधित कंपनी को राजस्व विभाग में राशि जमा करनी होगी। वहीं, यदि रैयतों की जमीन पर ओबी डंप किया गया है तो प्रभावित रैयतों को मुआवजा दिया जाएगा।
सुरक्षा पर सख्ती
बैठक में उपायुक्त ने खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) को ब्लास्टिंग और खनन कार्यों के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और खनन स्थलों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता विनोद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार, डीएमओ रितेश राज तिग्गा, डीएलएओ राम नारायण खालको समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।





























