झारखंड: प्रवर्तन निदेशालय ईडी की जांच में एक बड़ा खुलासा किया जिसमें पता चला है कि झारखंड के कट कम दाग और सदर अंचल में पदस्थापित रहे अंचल अधिकारी शशि भूषण सिंह ने पूर्व विधायक गंगा प्रसाद के पारिवारिक सदस्यों को अवैध रूप से जमीन कब जाने में मदद की थी जांच में यह भी पता चला है की जमीन के दस्तावेजों में गड़बड़ी कर और अवैध निर्माण के लिए समर्थन देकर शशि भूषण ने पूरी सिंडिकेट को संरक्षण दिया था।
छापेमारी में मिले ₹2000 के नोट
एड ने मार्च 2024 में शशि भूषण सिंह के ठिकानों पर जब छापेमारी की थी तो उसे दौरान ₹2000 के बंद हो चुके होने के बावजूद ₹199 नोट यानी कि कल 3.98 लख रुपए मिले थे। इसी के बाद केंद्रीय सरकार ने 19 में 2023 को नोटों को अंतिम तिथि अक्टूबर 2023 से किया इसके बावजूद भी है नोट शशि भूषण के पास पाए गए जिससे संदेह और भी गहरा होता जा रहा है।
किए गए जांच के मामले से यह सामने आया कि अंबा प्रसाद का परिवार एक सिंडिकेट के माध्यम से हजारीबाग में बड़े पैमाने पर जमीन कब्जा कर रहा है और इस काम में टाइगर ग्रुप नमक स्थानीय समूह की भी मदद ली जाएगी जिसमें आरोप लगाया गया है कि अवैध रूप से कब जाए गई जमीनों से करोड रुपए की कमाई हुई और विभिन्न व्यापारिक संस्थानों में निवेश दिया।
इसी के साथ जांच में सामने आया कि अंबा प्रसाद के पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू ने 2.9 से करोड रुपए अपने रिश्तेदार राजेश कुमार को दिए जिससे मां अष्टभुजी कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी 2011 में बनाई गई और अब एड इस पूरे जांच में जुटी हुई है क्योंकि यह कारनामा काफी गंभीर है।
































