भारत: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले आयात पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया जिसमें उन्होंने यह फैसला 1 अगस्त से लागू होने का वचन दिया है। इसी के साथ भारत पर एक अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाया जिसमें ट्रंप ने इसके पीछे रस से भारत द्वारा तेल और हथियारों की खरीद और लंबे समय से चले आ रही व्यापार बढ़ाओ को मुख्य कारण बताया।
राजनीति में बवाल
ट्रंप के इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर काफी तीखा वचन दिया जिसमें कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नमस्ते ट्रंप हो थे मोदी और अबकी बार ट्रंप सरकार जैसे कार्यक्रम देश के लिए नुकसानदेह साबित हो चुके हैं उसी के साथ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाथ ने भी कहा कि ट्रंप से मित्रता निभाने की कीमत देश को आर्थिक व्यवस्था के रूप में चुकानी होगी जो की काफी नुकसानदेह है। जयराम रमेश ने तंज करते हुए यह कर डाला कि प्रधानमंत्री मोदी को इंदिरा गांधी से प्रेरणा लेकर अमेरिका के सामने भारत की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए थी लेकिन यह उल्टा पड़ गया।
क्या निर्यात और रोजगार पर होगा असर?
फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के सीईओ डॉक्टर अजय ने इस निराशाजनक पूर्वक कहा कि भारत अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और वह आशा कर रहे हैं कि भविष्य में यह फैसला को पलट दिया जाएगा और इसी बीच भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत जरूर करेगी।





























