झारखंड: झारखंड सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख शहरों जिसमें रांची और धनबाद एवं जमशेदपुर शामिल है उसमें उन्होंने मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत करने की दिशा में एक अहम कदम उठा लिया है जिसके साथ नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को पत्र लिखकर व्यवहार्यता अध्ययन और संरेख सर्वेक्षण की अनुमति मांगी।
मेट्रो रेल नीति 2017 को दिया गया भरोसा
रेल प्रधान सचिव ने अपने पत्र में यह लिखा कि राज्य सरकार मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत सभी नीतिगत शर्तों को पूरा करने का प्रतिबद्ध है और समग्र गतिशीलता योजना एवं सार्वजनिक निजी भागीदारी के साथ वैल्यू कैप्चर फाइनेंसिंग जैसे विकल्पों की खोज और सशक्त संस्थागत ढांचा तैयार करने का शामिल है।
बढ़ती आबादी से मेट्रो की मांग
झारखंड की राजधानी रांची जो कि लगभग 25 लाख की शहरी आबादी को कर कर रही है जिसमें खूंटी और बुंडू जैसे उपनगर भी शामिल है वही उसी के बीच धनबाद जो कोयला क्षेत्र के रूप में जाना जाता है उसकी आबादी लगभग 20 लाख है और साथ ही जमशेदपुर शहर समूह की आबादी 20 लाख से भी अधिक है जिसमें मांगो जुगल सारी और अन्य अधिसूचित क्षेत्र शामिल है। अब इस भर्ती आबादी को देखते हुए मेट्रो की मांग काफी तेजी से की गई।
राज्य सरकार चाहती है कि केंद्र सरकार व्यवहार्यता अध्ययन और डीपीआर की प्रक्रिया जल शुरू करने का अनुमति दे दिया जाए और झारखंड सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार द्वारा इस परियोजना में सहयोग और मार्गदर्शन दे दिया जाएगा जिससे मेट्रो सेवा जल्द धरातल पर उतरेगी।































