झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के सुप्रीमो पप्पू लोहरा और सबजोनल कमांडर प्रभात गंजू को मार गिराया गया है। इस मुठभेड़ में एक और उग्रवादी आशीष सिंह घायल हुआ है, जबकि पुलिस की सेट टीम के एक जवान अवध सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए।
*पुलिस की बड़ी सफलता*
पलामू के जोनल आइजी सुनील भास्कर ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। गुप्त सूचना मिली थी कि पप्पू लोहरा अपने दस्ते के साथ लोहरदगा और लातेहार की सीमा पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जमा हुआ है। पुलिस के पहुंचते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला।
*पप्पू लोहरा का आतंक*
पप्पू लोहरा लातेहार सदर थाना क्षेत्र के कोने गांव का निवासी था और पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा और चतरा जिले में आतंक का पर्याय बन चुका था। वह ठेकेदारों, ईट भट्ठा संचालकों, जमीन कारोबारियों, सीमेंट और कोयला व्यवसायियों से लेवी वसूलता था। उसके मारे जाने से स्थानीय लोगों और पुलिस को बड़ी राहत मिली है।
*पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी*
आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि लातेहार पुलिस के लिए यह एक अभूतपूर्व सफलता है और इससे इलाके में उग्रवाद पर करारा प्रहार हुआ है। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने घटना स्थल से एक इंसास राइफल, 20 खोखा, दो मैगजीन, एक मोटरसाइकिल, तीन पिट्ठू बैग, एक शोल्डर बैग और एक तिरपाल बरामद किया है।




























