झारखंड: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले में रांची डीसी की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका, सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए 8 सप्ताह का समय मांगा गया। कोर्ट को बताया गया कि तीन प्रमुख डैम – धुर्वा डैम, कांके डैम और गेतलसूद डैम और उनसे जुड़े जलाशयों की जमीनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मामले में कई जरूरी दस्तावेज तैयार किया जा रहे हैं। इसलिए जवाब दायर करने के लिए थोड़ा समय दिया जाए।
सुनवाई के दौरान, एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से कोर्ट के समक्ष धुर्वा डैम परियोजना की जमीन पर अतिक्रमण से संबंधित प्राथमिकी की जांच की सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। एंटी-करप्शन ब्यूरो के वकील सुमीत गडोदिया ने कोर्ट को बताया था कि 7 जनवरी 2026 के आदेश के बाद नगड़ी थाना कांड संख्या 21/2026 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है जिसकी जांच जारी है। रांची नगर निगम की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने पक्ष रखा। वहीं, आरआरडीए की ओर से अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
3 डैम के लिए अधिग्रहित भूमि व अतिक्रमण पर DC को देना था जवाब
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया था कि वे एक विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करें. जिसमे रांची के तीनों डैम परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि का सटीक विवरण और नक्शा उस भूमि पर हुए अतिक्रमण का पूरा ब्यौरा (सर्वे नंबर सहित) अतिक्रमण हटाने के लिए उठाए गए कदम के बारे में जानकारी हो।
































