राजस्थान के बीकानेर जिले में सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही एक भव्य और अनूठा आयोजन देखने को मिला है। यहां के वैष्णोधाम मंदिर में भगवान शिव के भक्तों के लिए एक विशेष आकर्षण तैयार किया गया है — 1 लाख 25 हजार रुद्राक्ष की मालाओं से बना 18 फीट ऊंचा शिवलिंग, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

रुद्राक्ष की माला से तैयार शिवलिंग
- यह शिवलिंग सिर्फ भक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि कला और आध्यात्म का एक दुर्लभ संगम है।
- यह शिवलिंग मिट्टी से बना है और उस पर 1.25 लाख रुद्राक्ष की माला चढ़ाकर उसे आभामंडल प्रदान किया गया है।
- इस शिवलिंग के निर्माण में गुजरात के कारीगरों की टीम ने विशेष योगदान दिया है।
- रुद्राक्ष की मालाएं नेपाल से मंगाई गई हैं, जिन्हें आध्यात्मिक रूप से बेहद पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है।
सावन के पहले दिन हुआ अनावरण
इस भव्य शिवलिंग का अनावरण सावन मास के पहले दिन विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। यह आयोजन विशेष रूप से शिवभक्तों के लिए तैयार किया गया था, जिनके लिए सावन महीना अत्यंत पावन माना जाता है।
🕉 रुद्राक्ष का आध्यात्मिक महत्व
रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार,
“जब शिव जी ध्यान में लीन थे और मानवता के कष्टों को देखकर उनके नेत्रों से आंसू टपके, तब वे आंसू जहां गिरे वहां रुद्राक्ष के वृक्ष उग आए।”
इन्हीं पेड़ों से प्राप्त बीजों से बनी रुद्राक्ष की मालाएं ध्यान, शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक मानी जाती हैं।
भक्तों में उमंग और श्रद्धा
इस विशाल रुद्राक्ष शिवलिंग को देखने के लिए बीकानेर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों से भी भक्त पहुंच रहे हैं। सुबह से शाम तक मंदिर परिसर में लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
श्रद्धालु यहां जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा कर रहे हैं, साथ ही इस शिवलिंग के साथ तस्वीरें और वीडियो भी साझा कर रहे हैं।
अनोखी कला और भक्ति का संगम
गुजरात के कारीगरों की यह कलाकारी पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में नजर आई है, लेकिन बीकानेर का यह आयोजन खास है, क्योंकि यहां यह शिवलिंग सावन के अवसर पर, इतने विशाल स्तर पर पहली बार तैयार किया गया है।





























