झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आदिम जनजाति समुदाय की गर्भवती महिला के साथ हुई लापरवाही का जिक्र किया और राज्य सरकार की असंवेदनशीलता पर तीखा हमला बोला।
*केंद्र सरकार की योजनाएं, राज्य सरकार की लापरवाही*
मरांडी ने लिखा कि एक ओर केंद्र सरकार वंचित और पिछड़े समुदायों, विशेष रूप से आदिम जनजाति के कल्याण और प्रगति के लिए कई योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार इस समुदाय की एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल तक पहुंचाने में भी नाकाम साबित हो रही है।
*एंबुलेंस की खराबी और प्रशासनिक लापरवाही*
उन्होंने बताया कि भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गढ़वा अस्पताल रेफर किए गए मरीज को ले जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। कई घंटे बीत जाने के बाद भी दूसरी एंबुलेंस नहीं भेजी गई, जिसके कारण मरीज को दोबारा भवनाथपुर अस्पताल लौटाना पड़ा। मरांडी ने कहा कि यह कोई आकस्मिक तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन को पहले से एंबुलेंस की खराबी की जानकारी थी।
*सुधार की मांग*
मरांडी ने कहा कि जब तक राज्य सरकार इस तरह की लापरवाही और असंवेदनशीलता को नहीं सुधारेगी, तब तक केंद्र की योजनाएं भी जमीनी स्तर पर सफल नहीं हो पाएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश देकर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था हो।

























