आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। यह वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। इस बार यात्रा की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है।
*42,000 जवानों की तैनाती*
मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 580 कंपनियों की तैनाती का आदेश जारी किया है, जिसके तहत करीब 42,000 जवानों को तैनात किया जाएगा। इनमें से 424 कंपनियां विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर भेजी जा रही हैं।
*ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत सुरक्षा*
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत पहले से मौजूद 80 कंपनियों को अब अमरनाथ यात्रा के मार्गों, तीर्थयात्रियों और श्रीनगर सहित संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा में लगाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी बलों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत जम्मू-कश्मीर रवाना हों और जून के दूसरे सप्ताह तक सुरक्षा मोर्चा संभाल लें।
*सुरक्षा योजना को मजबूत बनाने के प्रयास*
इस बार सुरक्षा योजना को और अधिक मजबूत बनाया गया है। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। तैनात की जाने वाली कंपनियां पांच प्रमुख केंद्रीय बलों— सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी— से ली गई हैं।
*सरकार का उद्देश्य*
सरकार का उद्देश्य है कि हर तीर्थयात्री सुरक्षित तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सके। सुरक्षा बलों की यह भारी तैनाती यात्रा को शांतिपूर्ण और सफल बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल मानी जा रही है।

























