झारखंड के छह महत्वपूर्ण जिलों में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। इन जिलों में राजधानी रांची के साथ-साथ देवघर, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका और कोडरमा जैसे औद्योगिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अहम जिले शामिल हैं।
डीडीसी की भूमिका किसी भी जिले में योजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय में अहम होती है। इन पदों के खाली रहने से न सिर्फ विकास योजनाओं की निगरानी कमजोर पड़ी है, बल्कि आम लोगों से जुड़े कई जरूरी कार्यों में भी देरी हो रही है।
विशेष रूप से स्मार्ट सिटी, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, जल-जीवन मिशन जैसी योजनाओं की प्रगति बाधित हो रही है। जिला स्तर पर अधिकारियों की कमी से प्रशासनिक निर्णयों में भी सुस्ती आई है।
हालांकि राज्य सरकार ने कुछ जिलों में अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाने की कोशिश की है, लेकिन यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द डीडीसी की नियुक्ति की जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।






























