रांची: विश्व आदिवासी दिवस पर मोराबादी मैदान में भव्य समागम होगा। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। झारखंड के 32 जनजाति समाज अपने वेशभूषा में शामिल होंगे। सभी अपने भाषा में अपनी सांस्कृतिक कार्यक्रम में कला संस्कृति एव नृत्य प्रस्तुत करेंगे। झारखंड के वीर शहीदों के लिए गौरवशाली गाथा भी प्रस्तुत की जाएगी।
इस महोत्सव में झारखंड के 600 से अधिक कलाकार शामिल होंगे, जिसमें, पांच जनजातीय मुंडारी, कुडुख, संथाली, हो और खड़िया शामिल होगा। वहीं, चार जनजातीय भाषाओं में पंचपरगनिया, कुरमाली, नागपुरी और खोरठा भाषा के नृत्य संगीत प्रस्तुत की जाएगी।
विश्व आदिवासी महोत्सव केवल देश भर का एक उत्सव नहीं है, बल्कि, यह आदिवासी समाज की एकजुटता और उनके अटूट संबंध को संजोकर रखने का काम करेगा। मोराबादी के सभी प्रवेश द्वार पर आदिवासी महोत्सव के कट आउट लगाए गए है। इसके अलावा, रंग-बिरंगी लाईटें लगाई गई है। ताकि आदिवासी महोत्सव को यादगार बनाया जा सके।
आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत किया जाएगा। झारखंड आदिवासी महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह पर पुलिस फोर्स तैनात किए जा रहे है। महोत्सव में शामिल हो रहे लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
































