रांची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) चुनाव को लेकर टीम P21 ने अब सीधा मोर्चा खोल दिया है। टीम के प्रत्याशियों और प्रतिनिधियों ने आज चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल से मुलाकात की।
उन्होंने अध्यक्ष को अपनी शिकायतों का एक लिखित आवेदन सौंपा है। इसमें चुनाव प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही, पूरी प्रक्रिया की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और संस्थागत जांच कराने की मांग रखी गई है।
टीम P21 ने सबसे पहले सभी चुनावी रिकॉर्ड को तुरंत सुरक्षित करने की मांग की है। इसमें मतदान और मतगणना के मूल और डिजिटल अभिलेख शामिल हैं। मतदाता सूची और वोटिंग रजिस्टर को भी हिफाजत से रखने को कहा गया है। इसके अलावा, कंप्यूटर लॉग और मतदान केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को भी संरक्षित करने की मांग है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी रिकॉर्ड से कोई छेड़छाड़ या डिलीशन न हो सके।
चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए स्वतंत्र सत्यापन का आग्रह किया गया है। टीम चाहती है कि उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच किसी विशेषज्ञ या सक्षम समिति से कराई जाए, जिन मतों पर आपत्तियां हैं, उनका मूल रिकॉर्ड और वीडियो साक्ष्यों से मिलान हो। इससे चुनाव आचार-संहिता के उल्लंघन की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। मतदाताओं को प्रभावित करने की शिकायतों का भी इससे निपटारा हो सकेगा।
जिन प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं, उनके पदभार ग्रहण पर तत्काल रोक की मांग की गई है। जांच पूरी होने तक उन्हें कार्यकारी समिति में शामिल न करने को कहा गया है। टीम का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई हो। ऐसे प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित कर पद से हटाया जाए।
‘पहले सत्यापन, फिर अंतिम वैधानिक निर्णय’ की नीति पर टीम P21 ने जोर दिया है। P21 का कहना है कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है। वे केवल चुनाव की विश्वसनीयता और संस्था की मर्यादा को बचाए रखना चाहते हैं। टीम ने चैंबर अध्यक्ष से तय समयसीमा के भीतर सभी पक्षों को सुनने का अनुरोध किया है। जांच की स्थिति की लिखित जानकारी देने की भी मांग रखी गई है। ऐसा होने पर ही चुनाव परिणाम सभी सदस्यों को स्वीकार्य होंगे।

































