राजनीति: राहुल गांधी ने आज संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें यह किताब भेंट करूंगा। उन्होंने कहा कि यह किताब किसी विपक्षी नेता ने या किसी विदेशी लेखक ने नहीं लिखी है। यह किताब देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने लिखी है। राहुल ने हैरानी जताई कि यह किताब कैबिनेट मंत्रियों के हिसाब से मौजूद ही नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि इस किताब में स्पष्ट रूप से लिखा है कि जब चीनी सेना हमारी सीमा में घुस आयी थी, तो ऐसी नाजुक घड़ी में सेना प्रमुख को इंतजार करवाया गया। जब निर्णय लेने का वक़्त आया, तो प्रधानमंत्री ने कह दिया कि जो आपको उचित लगे, वो करो।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा, इसका मतलब देश की सुरक्षा के सबसे गंभीर संकट में मोदी जी ने राजनीतिक ज़िम्मेदारी से हाथ झाड़ कर लिये।
जनरल नरवणे ने खुद लिखा है कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया। राहुल गांधी ने कहा कि इसी सच्चाई के कारण मुझे संसद में बोलने से रोका जा रहा है और कहा कि देश सवाल पूछ रहा है और सरकार जवाब देने से भाग रही है।































