बिहार: प्रधानमंत्री मोदी ने आज शक्रवार को चुनावी मौसम में बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार की 75 लाख महिलाओं के बैंक अकाउंट में सीधे 10,000-10,000 रुपये ट्रांसफर किये। कुल 7,500 करोड़ रुपये महिलाओं के खाते में डाले गये।कहा गया है कि योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गयी है। ताकि वे स्वरोजगार तथा रोजगार के साधनों के माध्यम से सशक्त बन जायें।
सूत्रों के अनुसार शुरुआती चरण में तो 10,000 रुपये की राशि दी गयी है, अगले चरण में 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जा सकती है।
अहम बात यह है कि यह योजना सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़े विशेषज्ञ महिलाओं को प्रशिक्षण देंगे, ताकि उन्हें सफलता मिले। महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए बिहार में ग्रामीण हाटों को और डेवलप किया जायेगा।
इस अवतर पर पीएम मोदी ने कहा, नवरात्रि के इस पावन पर्व में आप सबका आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत बड़ी शक्ति है। पीएम ने सबका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू हो गयी है। इस योजना में अब तक 75 लाख बहनें शामिल हो गयी हैं. इन बहनों के खाते में 10,000-10,000 रुपए भेज दिये गये हैं।
पीएम मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा, आपने 11 साल पहले मुझे प्रधान सेवक के रूप में सेवा का अवसर दिया। तब हमने जनधन योजना का संकल्प लिया। इस योजना के तहत बहन-बेटियों के बैंक खाते खुलवाये। बैंक खाते को मोबाइल से जोड़ा।
पीएम ने कहा, यदि हमने ऐसा न किया होता तो क्या आज हम पैसे आपके बैंक खाते में भेज पाते? पहले एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से अगर एक रुपया भेजा जाता है, तो सिर्फ 15 पैसा पहुंचता है, 85 पैसे कोई पंजा मार लेता है। आज हमने 10–10 हजार रुपये भेजे हैं, इन्हें कोई लूट नहीं पायेगा।
पीएम मोदी ने राजद पर हमलावर होते हुए कहा, याद कीजिए राजद राज में बिहार में कैसा आतंक था। कोई भी घर सुरक्षित नहीं था। नक्सली हिंसा का आतंक था। इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ता था। गरीबों से लेकर डॉक्टरों और आईएएस अधिकारियों के परिवारों तक कोई भी राजद नेताओं के अत्याचारों से नहीं बचता था।
आज जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में कानून का राज लौटा है, तो मेरी माताओं, बहनों, बेटियों और महिलाओं को सबसे ज्यादा राहत मिली है। आज बिहार की बेटियां बिना किसी डर के अपने घरों से बाहर निकलती हैं। नीतीश कुमार की सरकार से पहले यह संभव ही नहीं था। जब भी मैं बिहार आता हूं, तो इतनी बड़ी संख्या में महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात देखकर मुझे बहुत संतोष होता है।





























