रांची: रांची जिले में जमीन और प्लॉट के ऑनलाइन म्यूटेशन की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ गई है। हालात यह हैं कि ऑनलाइन आवेदन करते ही स्क्रीन पर एरर मैसेज दिखने लगता है और आवेदन आगे बढ़ ही नहीं पाता। यह समस्या कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले लगभग एक महीने से लगातार बनी हुई है।
म्यूटेशन के लिए लोग रोजाना पोर्टल खोल रहे हैं, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लग रही है। आम जनता अंचल कार्यालयों के चक्कर काट रही है, लेकिन, वहां से सिर्फ एक ही जवाब मिल रहा है- “सर्वर का इश्यू है, कब ठीक होगा पता नहीं।”
सर्वर अपग्रेड बना सिरदर्द
सरकार द्वारा सर्वर अपग्रेड और सिस्टम बदलने के बाद से ही समस्याएं बढ़ गई हैं। अपग्रेड के नाम पर सिस्टम इतना धीमा हो गया है कि पुराने पेंडिंग मामलों का निष्पादन भी बेहद सुस्त गति से हो रहा है। स्थिति यह है कि एक फाइल खुलने में ही कई मिनट लग रहे हैं, एक म्यूटेशन केस को निपटाने में करीब एक घंटा लग रहा है। कर्मचारी भी सिस्टम स्लो होने से परेशान हैं।
आम जनता भुगत रही नुकसान
म्यूटेशन नहीं होने से जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक लोन, दाखिल-खारिज जैसे जरूरी काम अटके पड़े हैं। लोग समय, पैसा और मेहनत सब कुछ झोंक रहे हैं, लेकिन नतीजा शून्य है।
जिम्मेदार मौन, कोई स्पष्ट जवाब नहीं
सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे मामले पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी खुलकर बयान देने को तैयार नहीं है। जब भी सवाल पूछा जाता है तो बस यही कहा जाता है कि काम चल रहा है, जल्द ही ठीक हो जाएगा। लेकिन, सवाल यह है कि कब तक? चूंकि एक महीने से परेशान जनता अब पूछ रही है कि अगर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रास्ते बंद हैं, तो म्यूटेशन के लिए आखिर जाएं कहां?




























