अब झारखंड में बिल क्लर्क की संकट का समाधान

0
50

झारखंड: अब झारखंड राज्य के सरकारी कार्यालयों में बिल क्लर्क की कमी की समस्या का समाधान होगा। इसके लिए नया एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार किया गया है। इसके तहत, जिन कार्यालयों में नियमित कर्मी नहीं हैं, वहां प्रतिनियुक्त कर्मियों को बिल क्लर्क की भूमिका में कार्य करने के लिए उन्हें मैप किया जाएगा।

कैसे की जाएगी मैपिंग

प्रतिनियुक्त कर्मियों को बिल क्लर्क की भूमिका में कार्य करने के लिए मैपिंग की जाएगी। निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) बिल क्लर्क के लिए ऑनलाइन आग्रह करेंगे। अनुमोदन प्राप्त होने के बाद वहां प्रतिनियुक्त कर्मचारी को बिल क्लर्क के रूप में जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए पूर्व में जारी एसओपी को 12 अगस्त 2025 के प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

आखिर कौन कर सकेंगे बिल क्लर्क की मैपिंग

  • यह ऐसे डीडीओ के लिए अधिकृत है, जिनके कार्यालय में कोई नियमित कर्मचारी नहीं है।
  • जिन कार्यालयों में बिल क्लर्क की कमी है वहां प्रतिनियुक्ति पर किसी कर्मचारी को बिलिंग क्लर्क के रूप में नियुक्त किया जाना आवश्यक है।
  • अनुरोधकर्ता डीडीओ (निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी) डीडीओ स्तरीय बिल प्रबंधन प्रणाली में लॉग इन करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here