बिहार: बिहार सरकार एक बार फिर क्या की रिपोर्ट में कटघरी में है और रिपोर्ट के मुताबिक बिहार राज्य सरकार अब तक 70877.61 करोड रुपए की परियोजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं कर पा रही है और यह खुलासा गुरुवार 24 जुलाई को बिहार विधानसभा में पेश किया गया है।
2016 से अब तक कोई भी योजनाएं नहीं मिली
सबसे चौंकाने वाली बात या रही है की कुल राशि में से 14452.38 करोड रुपए की योजनाएं वर्ष 2016-17 या उससे पहले की है और बिहार सरकार के पास वर्षों पुराने कार्यों का भी कोई स्पष्ट लेखा-जोखा नहीं है।
त्याग की रिपोर्ट साफ तौर पर यह स्पष्ट है कि जब तक उस प्राप्त नहीं होती है तब तक यह तय नहीं किया जा सकता है की राशि निर्धारित उद्देश्यों पर खर्च होगी या नहीं क्योंकि इससे सरकार फंड के गवर्नर और दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।
विभाग दे रही जवाब
सबसे ज्यादा लंबित उस जिन विवाहों से संबंधित है वह पंचायत राज विभाग, शिक्षा विभाग, शहरी विकास विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं कृषि विभाग है।
रिपोर्ट में यह तय किया गया है कि राज्य की देनदारियां पिछले वर्ष की तुलना में 12.34 परसेंटेज बढ़ चुकी है जो बिहार के वित्तीय प्रबंधन की गंभीर स्थिति को पेश करती है।





























