रांची में आज से शुरू हुई राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026

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रांची: रांची जिले में आज शनिवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 की शुरुआत की गई। इस मौके पर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री और ट्रैफिक एसपी ने राकेश सिंह, समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह जागरूकता रथ गांवों, शहरों, स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों में जाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इस दौरान अपर जिला दंडाधिकारी राजेश्वर नाथ आलोक, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित कई वरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

ट्रैफिक नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं व मौतों को रोका जा सकता

इस मौके पर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि सड़क हादसे जान-माल के नुकसान का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। यदि लोग ट्रैफिक नियमों का सही ढंग से पालन करें, तो कई दुर्घटनाओं और मौतों को रोका जा सकता है।

उन्होंने बताया कि जागरूकता रथ के जरिये लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति और नशे की हालत में से वाहन न चलाने सहित अन्य ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

ट्रैफिक एसपी ने की सहयोग की अपील

ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील की, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही, लोगों की जान बच सके।

1 से 31 जनवरी तक मनेगा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह

गौरतलब है कि देशभर में 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “सीख से सुरक्षा” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। इसी के तहत जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग ओर से सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है।

रांची में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े-

  • 2024 : 746 सड़क हादसे, 550 लोगों की मौत, 465 लोग घायल।
  • 2025 : नवंबर तक 747 हादसे, 504 मौतें, 486 घायल।

जागरूकता रथ करेंगे ये काम:

  • एलईडी वैन से गांव-शहर में सड़क सुरक्षा का प्रचार।
  • सड़क सुरक्षा चौपाल का आयोजन।
  • स्कूल-कॉलेज में बच्चों को ट्रैफिक नियम सिखाना।
  • नियम मानने वालों को सम्मानित करना।
  • हेल्थ चेकअप कैंप लगाना।
  • वाहन चालकों को प्रशिक्षण देना।
  • प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक।
  • खेलकूद के माध्यम से लोगों को जागरूक करना।

 

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