सिमडेगा (झारखंड): झारखंड के सिमडेगा जिले में गुरुवार को अचानक बदले मौसम के साथ हुई जोरदार बारिश और वज्रपात ने एक परिवार से दो जवान बेटों को छीन लिया। जलडेगा थाना क्षेत्र के लोम्बोई बांडीसेमर गांव में खेत में काम कर रहे दो चचेरे भाइयों की ठनका गिरने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान सुरेश गोंड (पिता बलधर गोंड) और राजकिशोर गोंड (पिता चंद्रभान गोंड) के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का नाम रमेश साय बताया गया है, जो ट्रैक्टर का मालिक बताया जा रहा है।

खेत से लौटते वक्त गिरी आकाशीय बिजली
जानकारी के अनुसार, सुरेश और राजकिशोर खेत की जुताई का कार्य कर रहे थे। अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे सभी खेत का काम छोड़कर ट्रैक्टर को वहीं छोड़ सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से दोनों भाइयों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और रमेश साय गंभीर रूप से झुलस गए।
शव पानी में मिले, पुलिस जांच में जुटी
वज्रपात के बाद खेत में पानी भर गया था, जिससे दोनों के शव पानी में डूबे हुए मिले। गांव वालों ने जब शोर सुना और खेत की ओर दौड़े, तो उन्होंने तीनों को गिरे हुए पाया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने शवों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। घायल रमेश साय को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही जलडेगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हर साल वज्रपात ले रहा दर्जनों जानें
गौरतलब है कि झारखंड में इस वर्ष मॉनसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अब तक दर्जनों लोगों की जान ठनका गिरने से जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों, खुले मैदानों और ऊँचे पेड़ों के आसपास बिजली गिरने का खतरा अधिक होता है, ऐसे में सावधानी बरतना अत्यंत जरूरी है।





























