JSSC CGL का पेपर हुआ लीक

0
180

झारखंड: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामले की जांच सीआईडी कर रही है। CID ने अपनी अब तक की जांच में यह तथ्य पाने का दावा किया है कि पेपर लीक के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं और कथित पेपर लीक के नाम पर केवल धन उगाही हुई है।

लेकिन जांच के दौरान जिन छात्रों ने अपने मोबाइल CID को सौंपे थे, उनकी ऑफिशियल रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है। इन रिपोर्ट्स में अहम बातें सामने आई है। FSL की जांच में जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक व्हाट्सएप चैट की पुष्टि हुई है और दो मोबाइल में परीक्षा से एक दिन पहले हुई चैट को फॉरेंसिक रिपोर्ट ने प्रमाणिक बताया है।

वहीं छात्रों ने कुमार बी एड कॉलेज धनबाद का भी एक सबूत दिया था, जिसमें वहां एक छात्र ने समय से पहले परीक्षा के कुछ आंसर की की कुछ फोटो खींची थी और अब उसी मोबाइल का फॉरेंसिक रिपोर्ट ने लोकेशन, मेटा डाटा और परीक्षा केंद्र पर परीक्षा से पहले फोटो खींचे जाने की पुष्टि भी अपनी रिपोर्ट ने कर दी है।

साथ ही साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट में ये स्पष्ट है कि जितने भी 9 मोबाइल फोन जांच के लिए दिए गए थे, उसमें किसी भी प्रकार से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, ये बाते फॉरेंसिक रिपोर्ट में बताई गई है। वहीं दूसरी तरफ सीआईडी का यह दावा है कि पेपर लीक नहीं हुआ है।

बल्कि पेपर लीक के नाम पर ठगी की गई है। हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता और पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच के लिए दायर याचिका पर पक्ष रख रहे अधिवक्ता अजीत कुमार के मुताबिक, JSSC की ओर से दायर शपथपत्र में यह कहा गया है कि सीआईडी ने जिन 9 मोबाइल फोन की जांच की है, उनमें 153 आंसर मिले हैं जिसमें से 60 आंसर ऐसे हैं जिनका जुड़ाव परीक्षा से था।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here