अधूरा प्यार ही जिंदा प्यार : इम्तियाज़ अली

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इम्तियाज़ अली: सोशल मीडिया पर मशहूर फिल्म निर्माता व निर्देशक इम्तियाज़ अली एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल 29 जून को उन्होंने एनडीटीवी के शो “क्रिएटर मंच” पर उनका एक इंटरव्यू काफी प्रसारित हुआ है जो दर्शकों को काफी गहराई से प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा है कि – ‘ मैं फिल्मों का नहीं , भावनाओं का निर्देशन करता हु’। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे उनकी फिल्में और प्यार की उनकी परिभाषा पर सवाल उठाएं गए तब उन्होंने बताया कि उनके लिए अधूरा प्यार ही सबसे ज़िंदा और गहरा प्यार होता है। उनका कहना है कि जब कोई रिश्ता अधूरा रह जाता है तब ही उसकी कसक और भावनाएं इंसान के भीतर हमेशा बनी रहती है और उसे ज़िंदा बनाए रखती है।

 

फिल्मों का नहीं , भावनाओं का निर्देशन

इंटरव्यू का एक हिस्सा इंटरनेट पर काफी वायरल चल रहा है जिसमें एक यूजर ने लिखा है कि , ” इम्तियाज़ फिल्मों का नहीं, भावनाओं की निर्देशन करते है”। यह लाइन उनके चाहने वालों के दिल को छू गई है और देखते ही देखते इम्तियाज़ अली फिर से ट्रेंड करने लगे है।

 

अधूरा प्यार ही जीवन की सच्चाई

इम्तियाज़ ने बताया है कि अधूर प्यार उनके लिए एक ऐसी भावना है जो कभी दिल से खत्म नहीं होती और इंसान को जीवन भर कुछ न कछ सिखाती है और माना जा रहा है कि शायद यही वजह है कि उनकी फिल्में जब वी मेट, रॉकस्टार , तमाशा लोगो के बीच इतनी लोकप्रिय रही।

 

उनकी यह सोच युवाओं को गहराई तक छूती है क्योंकि अधूरे रिश्ते को हर एक इंसान अपने किसी न किसी अनुभव से जोड़ सकता है।

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